कंपकंपी
कंपकंपी या थरथराहट (तेज, अनियमित या मांसपेशियों में सिकुड़न) मिरगी या अचानक बीमार पड़ने के कारण हो सकती है। यदि मरीज सांस लेना बंद कर दे, तो खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सक की सलाह लेने की अनुशंसा की जाती है।
लक्षण
- मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और फिर उसमें झटके आते हैं।
- मरीज अपनी जीभ काट सकता है या सांस लेना बंद कर सकता है।
- चेहरा और जीभ का रंग नीला पड़ सकता है।
- मुंह से बहुत अधिक झाग निकलने लगता है।
चिकित्सा के उपाय
- मरीज के पास से ठोस चीजें हटा दें और उसके सिर के नीचे कोई नरम चीज रखें।
- दांतों के बीच या मरीज के मुंह में कुछ न रखें।
- मरीज को कोई तरल पदार्थ न पिलायें।
- यदि मरीज की सांस बंद हो, तो देखें की उसकी श्वास नली खुली है और उसे कृत्रिम सांस दें।
- शांत रहें और मदद आने तक मरीज को सुविधाजनक स्थिति में रखें।
- कंपकंपी के अधिकांश मामलों के बाद मरीज बेहोश हो जाता है या थोड़ी देर बाद फिर से कंपकपी शुरू हो जाती है।
जितनी जल्दी संभव हो, मरीज को चिकित्सक के पास ले जायें।


