पोषण और वृद्धि मुख्‍य संदेश-5

 
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सारांश

बच्‍चों को उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं की रक्षा के लिए लौह पदार्थ युक्‍त भोजन की आवश्‍यकता होती है। लौह पदार्थ का सर्वोत्‍तम स्रोत लीवर, बिना चर्बी का मांस, मछली, अण्‍डे और आयरन फोर्टिफाइड भोजन है।

एनीमिया- आयरन की कमी- शारीरिक और मानसिक विकास को नुकसान पहुंचा सकता है। एनीमिया के लक्ष्‍णों में जीभ और हाथ की हथेलियों और होठो का भीतर से सफेद होना और थकावट तथा सांस लेने में दिक्‍कत शामिल हैं। विश्‍व में एनीमिया सबसे आम पोषण से जुड़ा मुद्दा है।

  • शिशु और छोटे बच्‍चे में हल्‍का एनीमिया का होना भी बौद्धिक विकास को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • दो वर्ष से कम उम्र के बच्‍चों में एनीमिया प्रबंधन और संतुलन के साथ जुड़ी समस्‍या हो सकती है और बच्‍चा शांत और संकोची हो सकता है। यह बच्‍चे के सम्‍बन्‍धों की क्षमता को सीमित कर सकता है और बौद्धिक विकास को छिपा सकता है।

एनीमिया गर्भावस्‍था में रक्‍त के बहने और जन्‍म के दौरान संक्रमण के खतरे को तेजी से बढ़ा सकता है और यह मातृ मृत्‍यु का महत्‍वपूर्ण कारण हो सकता है। एनीमिया पीड़ित मां से जन्‍म लेने वाले बच्‍चे अक्‍सर एनीमिया से ग्रस्‍त और जन्‍म के समय कम वजन के होते हैं। गर्भवती महिलाओं को आयरन पूरक महिला और उनके बच्‍चों दोनों की रक्षा करता है।

आयरन लीवर, बिना चर्बी के मांस, अण्‍डे और दालों में पाया जाता है। आयरन युक्‍त फोर्टिफाइंग खाद्य भी एनीमिया को रोक सकता है। मलेरिया और हुकवर्म इसके कारण हो सकते हैं और एनीमिया को बिगाड़ सकते हैं।

  • मच्‍छरदानी के भीतर सोने से मलेरिया को रोका जा सकता है, यह कीटनाशक की तरह काम करती है।
  • जो बच्‍चे अधिक कीड़ों वाले इलाकों में रहते हैं उन्‍हें साल में दो या तीन बार दवा देनी चाहिए। साफ-सफाई कीड़ों को रोक सकती है। बच्‍चों को शौचालय के करीब नहीं खेलना चाहिए, अपने हाथ धोने चाहिए और कीड़ों के सम्‍पर्क में आने से बचने के लिए जूते पहनने चाहिए।

मुख्य संदेश के लिए सहायक सूचनाएँ: 1    2    3    4    5    6    7

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