पोषण और वृद्धि मुख्‍य संदेश-2

 
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सारांश

केवल मां का दूध ही ऐसा खाद्य और पेय है जो शिशु के लिए शुरुआती छह महीनों में आवश्‍यक होता है। छह महीनों के बाद बच्‍चे को मां के दूध के साथ विभिन्‍न खाद्य पदार्थों की भी आवश्‍यकता होती है।

शुरुआती म‍हीनों में जब शिशु को सबसे अधिक खतरा होता है, स्‍तनपान, हैजा और अन्‍य सामान्य संक्रमणों से लड़ने में शिशु की मदद करता है। छह महीने के बाद बच्‍चे को अन्‍य तरह का भोजन और पेय की भी जरूरत होती है। स्‍तनपान दूसरे वर्ष तक निरंतर जारी रहना चाहिए।

यदि छह महीने से छोटे एक नवजात का वजन नहीं बढ़ रहा है, तो उसे जल्‍दी-जल्‍दी स्‍तनपान करने की जरूरत हो सकती है।

छह महीने से छोटे शिशु को स्‍तनपान के अलावा अन्‍य किसी फ्लूयड, यहां तक कि पानी की भी आवश्‍यकता नहीं होती।

स्‍तनपान करने वाला शिशु जिसका वजन नही बढ़ रहा है, बीमार हो सकता है या संभव हो कि उसे पर्याप्‍त मां का दूध न मिल रहा हो। एक स्‍वास्थ्‍य कार्यकर्ता शिशु के स्‍वास्‍थ्‍य को जांच सकता है और मां के साथ शिशु के अधिक दूध लेने के तरीके के बारे में बात कर सकता है।

छह महीने से शिशु को मां के दूध के साथ अन्‍य भोजन जिसे पूरक भोजन कहते हैं की आवश्‍यकता होती है। बच्‍चे के भोजन में विटामिन और खनिज की आपूर्ति के लिए छिलके वाले, पके हुए और कुचली सब्जियां, अनाज, दालें और फल, कुछ तेल, मछली, अण्‍डे, मुर्गा मीट या दूध उत्‍पाद शामिल करने चाहिए। भोजन में जितनी विभिन्‍नता होगी, उतना अच्‍छा होगा।

6 से 12 महीने के बच्‍चे को स्‍तनपान थोड़े-थोड़े अंतराल पर और अन्‍य भोजन देने से पहले करवाना चाहिए।

छह महीने के बाद बच्‍चा जैसे अन्‍य चीजें खाना और चबाना शुरू करता है, उसके लिए संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। बच्‍चे के हाथ और भोजन दोनों ही साफ होने चाहिए।

12 से 24 महीने के बच्‍चों को खाने के बाद और जब भी वे चाहें तब निरंतर स्‍तनपान करवाते रहना चाहिए।

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