मलेरिया मुख्य संदेश-4

 
जन्म का समय
सुरक्षित मातृत्व
बाल विकास और आरंभिक अभ्यास
स्तनपान
पोषण और विकास
टीकाकरण
आंत्रशोथ
सर्दी, जुकाम और अधिक गंभीर बीमारियाँ
स्वच्छता
मलेरिया
एचआइवी/ एड्स
जख्म से बचाव
आपदा और आपात स्थिति
सारांश

मलेरियाग्रस्त या मलेरिया से ठीक होते हुए बच्चे को अधिक खाना और पानी की आवश्यकता होती है।

मलेरिया ऊर्जा जला देता है, और पसीने के द्वारा बच्चा बहुत-से शारीरिक तरल पदार्थ खो देता है। बच्चे को थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर खाना और पानी देते रहना चाहिये जिससे कि उसके भीतर कुपोषण और पानी की कमी न होने पाये।

बच्चों को बार-बार स्तनपान कराने से उनमें पानी की कमी नहीं होती और मलेरिया समेत बहुत सारे संक्रमणों से प्रतिरोधक शक्ति बनी रहती है, मलेरियाग्रस्त बच्चों को बार-बार स्तनपान कराना चाहिये।

बार-बार मलेरिया संक्रमण होने से बच्चे के विकास और मस्तिष्क की वृद्धि (दिमाग का विकास) में शिथिलता आती है और इससे एनीमिया (रक्त पतला होना) हो सकता है। जिस बच्चे को मलेरिया के दौरे पड़ चुके हों उसे एनीमिया की जाँच करवानी चाहिये।

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