मलेरिया मुख्य संदेश-3
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गर्भवती महिलाओं के लिये मलेरिया बहुत ही खतरनाक होता है। जहाँ कहीं भी मलेरिया का प्रकोप है, गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा बताया गया तुरंत मलेरियारोधी उपचार लेकर मलेरिया से अपना बचाव करना चाहिये। अन्य महिलाओं की तुलना में गर्भवती महिलाओं को मलेरिया के कारण अधिक कठिनाई होने की संभावना होती है। यह बीमारी गर्भावस्था के दौरान, विशेषत: पहली बार गर्भधारण के दौरान अधिक खतरनाक होती है। इसके कारण गंभीर एनीमिया (रक्त का पतला होना), गर्भपात, समयपूर्व प्रसव या मृत जन्म हो सकता है। जिन बच्चों की माताओं को गर्भावस्था के दौरान मलेरिया हुआ हो, उनका वजन औसत से कम होता और इस वजह से वे संक्रमण के शिकार हो जाते हैं तथा एक वर्ष की आयु तक उनके मरने की अधिक संभावना होती है। जब जहाँ आवश्यक हो, गर्भवती महिलाओं को मलेरिया रोधी गोलियों का सेवन करना चाहिये। सभी मलेरियारोधी गोलियाँ गर्भावस्था के दौरान लेना सुरक्षित नहीं होता। कौन-सी मलेरियारोधी दवा अच्छी है, यह स्वास्थ्य कर्मचारी जानता होगा। गर्भवती महिलाओं को मच्छरों के काटने से बचने के लिये नियमित रूप से साफ की जानेवाली मच्छरदानी के नीचे ही सोना चाहिये। जिस गर्भवती महिला में मलेरिया के लक्षण और चिह्न दिखाई दें उसे मृत्यु से बचाने के लिये तुरंत और पर्याप्त उपचार देने की आवश्यकता है। मलेरियाग्रस्त गर्भवती महिला को स्वास्थ्य कर्मचारी से लौहतत्व और विटामिन ए पूरकों के संबंध में जानकारी लेनी चाहिये। |
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