मलेरिया मुख्य संदेश-2

 
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सारांश

जहाँ कहीं भी मलेरिया का प्रभाव है, बच्चों को खतरा होता है। जब भी किसी बच्चे को बुखार हो तो उसे जल्द से जल्द किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी को दिखाना चाहिये और तुरंत मलेरियारोधी उपचार देनी चाहिये।

यदि परिवार में किसी को ज्वर हो या छोटे बच्चे खाना खाने से इंकार करें या उन्हें उलटी हो जाये, चक्कर या दौरे की शिकायत हो जाए तो मलेरिया का संदेह किया जा सकता है।

यदि छोटे बच्चे को मलेरिया के कारण बुखार हो गया हो तो उसे तुरंत स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा बताई गई दवा देनी चाहिये। मलेरिया के कारण बुखार होने पर यदि छोटे बच्चों को एक दिन के अंदर उपचार न मिले तो वे शायद मर भी सकते हैं।

किस प्रकार का उपचार और कितने समय तक दिया जाना चाहिये इसके संबंध में स्वास्थ्य कर्मचारी सलाह दे सकता है। मलेरिया के रोगी बच्चे को बुखार तेजी से उतर जाये तब भी, उपचार का पूरा कोर्स करना चाहिये। यदि उपचार पूरा न किया जाये तो मलेरिया और भी गंभीर और कठिन हो सकता है।

यदि उपचार के बाद भी मलेरिया के लक्षण जारी रहें, तो बच्चे को मदद के लिये स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिये। समस्या यह भी हो सकती है:

  • बच्चे को पर्याप्त दवा नहीं मिल रही है।
  • बच्चे को मलेरिया के अलावा अन्य कोई बीमारी है।
  • मलेरिया दवा के लिये प्रतिरोधक है, और किसी अन्य दवा की आवश्यकता है।

बच्चे को जब तक बुखार है तब तक ठंडा रखा जाना चाहिये:

  • साधारण शीतल जल से (बहुत ठंडे पानी से नहीं) बच्चे का शरीर पोंछ कर या उसे नहला कर साफ कर देना चाहिये।
  • बच्चे को केवल एक कंबल या थोड़े-से कपड़ों से ढकना चाहिये।

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