टीकाकरण मुख्‍य संदेश - 6

 
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पोषण और विकास
टीकाकरण
आंत्रशोथ
सर्दी, जुकाम और अधिक गंभीर बीमारियाँ
स्वच्छता
मलेरिया
एचआइवी/ एड्स
जख्म से बचाव
आपदा और आपात स्थिति
सारांश

जब लोग भीड़-भाड़ वाले जगह में होते हैं तो बीमारी तेजी से फैल सकती है। अत्‍यन्‍त सघन परिस्थितियों में खासकर शरणार्थी या खतरनाक परिस्थितियों में रहने वाले सभी बच्‍चों को जल्‍द से जल्‍द खासकर खसरे का टीके लगवानी चाहिए।

आपातकालीन और घर छोड़ने जैसी स्थितियों में अक्‍सर लोग संचारित बीमारियों के फैलने को बढ़ा देते हैं। इसलिए 12 वर्ष से कम उम्र के सभी विस्‍थापित बच्‍चों का जल्‍द से जल्‍द टीकाकरण करवाना चाहिए, सम्‍पर्क और प्रबंधन के पहले बिंदु, खासकर खसरे के लिए।

आपातकाल में टीकाकरण के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली सिरिंज स्वयं असक्रिय हो जाए यानी अपने आप जो एक बार के बाद काम न करे।

खसरा तब और अधिक गंभीर होता है, जब बच्‍चा कुपोषण या अस्‍वच्‍छ परिस्थितियों में रह रहा हो।

चूंकि, खसरा बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए इससे पीड़ित बच्‍चे को अन्‍य बच्‍चों से अलग रखने और प्रशिक्षित स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता द्वारा जांचने की जरूरत होती है।

खसरा गंभीर हैजा का कारण हो सकता है। खसरे से टीकाकृत बच्‍चे हैजा को रोक सकते हैं।

यदि टीकाकरण की श्रृंखला किसी वजह से टूट जाए तो राष्‍ट्रीय निर्देशों के मुताबिक उसे पूरा करने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता से सलाह-मशविरा करनी चाहिए।

मुख्य संदेश के लिए सहायक सूचनाएँ: 1    2    3    4    5    6 

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