टीकाकरण मुख्‍य संदेश - 4

 
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सारांश

सभी गर्भवती महिलाओं का टिटनेस से बचने के लिए टीकाकृत होना जरूरी होता है। यदि किसी महिला से कुछ समय प‍हले ही टीका लगवाया हो, तो भी उसे अतिरिक्‍त टिटनेस के टीके की आवश्‍यकता हो सकती है। टिटनेस का टीका लगवाने और सलाह के लिए स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता से बात करनी चाहिए।

विश्‍व के बहुत से हिस्‍सों में माँ अस्‍वच्‍छ परिस्थितियों में बच्‍चे को जन्‍म देती हैं। यह मां और बच्‍चे दोनों को टिटनेस के खतरे में डाल सकता है, यह नवजात शिशुओं की मौतों का मुख्‍य कारण होता है।

यदि गर्भवती महिला टिटनेस से टीकाकृत नहीं है, तो टिटनेस का बैक्टिरिया या विषाणु उसके शरीर में प्रवेश कर उसके जीवन को खतरे में डाल सकता है।

टिटनेस बैक्टिरिया या विषाणु कटी हुई गंदी जगह पर वृद्धि करता है। यदि नाभी सम्‍बन्‍धी कॉर्ड के अंतिम सिरे को गंदे चाकू से काटा या उसे गंदे हाथों से छुआ गया हो तो यह विषाणु वृद्धि कर सकता है। कॉर्ड को काटने का किसी भी तरह के औजार को सबसे पहले साफ कर और फिर उबाला या आग पर गर्म कर ठंडा किया जाना चाहिए। जन्‍म के पहले छह हफ्तों के लिए बच्‍चे की नाभी सम्‍बन्‍धी कॉर्ड को साफ रखना चाहिए।

सभी गर्भवती महिलाएं को निश्चिंत होने के लिए टिटनेस के टीके लगवाए हैं या नहीं यह देख लेना चाहिए। यह मां और नवजात शिशु दोनों की रक्षा करता है।

टिटनेस के विरुद्ध टीका लगवाना गर्भवती महिला के लिए सुरक्षित होता है। उसे अवधि के मु‍ताबिक टीकाकरण करवाना चाहिए।

टिटनेस के टीके लेने का समय
  • पहली खुराक: जब भी उसे यह पता चले कि वह गर्भवती है।
  • दूसरी खुराक: पहली खुराक लेने के एक महीने बाद और निर्धारित तारीख के दो सप्ताह बाद से पहले, बाद में नहीं।
  • तीसरी खुराक: दूसरी खुराक के 6 से 12 महीनों बाद या अगली बार गर्भवती होने के दौरान।
  • चौथी खुराक: तीसरी खुराक के एक साल बाद या गर्भावस्‍‍था के दौरान।
  • पांचवी खुराक: चौथी खुराक के एक साल बाद या गर्भावस्‍था के दौरान।

यदि एक लड़की या महिला ने निर्धारित समय के अनुसार पांचों बार टीकाकरण करवाया हो, तो वह जीवन भर के लिए सुरक्षित है। उसके बच्‍चे भी जीवन के कुछ हफ्तों के लिए सुरक्षित होंगे।



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