एचआईवी/एडस् मुख्य संदेश-7

 
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सारांश

एच.आईवी संक्रमित गर्भवती माँ से यह रोग उसके गर्भस्थ बच्चे को या बच्चे के जन्म के समय या स्तनपान के दौरान हो सकता है। गर्भवती माँ या नई माताएँ, जो एच.आई.वी से संक्रमित हैं, या ऐसा होने का उन्हें संदेह है, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी के पास परीक्षण और काउंसिलिंग के लिये जाना चाहिये।

एच.आई.वी संक्रमण गर्भवती माँ से उसके बच्चे तक फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है महिलाओं में एच.आई.वी के संक्रमण को रोका जाये।

महिलाओं में एच.आई.वी के संक्रमण को रोकने के लिये सुरक्षित सेक्स, कंडोम का प्रयोग, और यौन जनित संक्रमण की जल्द पहचान होना आवश्यक है। यदि किसी महिला को एच.आई.वी संक्रमित होने का पता चल जाता है तो उसे भावनात्मक आधार और अपने भविष्य के बारे में योजना बनाने में मदद की आवश्यकता है। नागरिक समुदाय और स्वयं सेवा संस्थाएँ इस बारे में महिलाओं की बहुत मदद कर सकते हैं।

गर्भवती महिलाओं को निम्न बातों का पता होना आवश्यक है कि:

  • गर्भावस्था के दौरान उचित दवाइयों के सेवन से नवजात बच्चे को संक्रमण होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।
  • गर्भावस्था और प्रसव के दौरान विशेष देखभाल करने से नवजात बच्चे को संक्रमण होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।

नई माताओं को बच्चे को आहार देने और संबंधित खतरों का विकल्प मालूम होना आवश्यक है। स्वास्थ्य कर्मचारी आहार देने का कोई विकल्प बताने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं जिससे कि नवजात बच्चे के एच.आई.वी मुक्त विकास का खतरा बहुत कम हो सकता है।

एच.आई.वी संक्रमित महिलाएँ जिन्हें अच्छा उपचार नहीं मिला है उनके गर्भस्थ बच्चे को एच.आई.वी के साथ जन्म लेने का खतरा 30 प्रतिशत या 3 में से 1 को होने की संभावना होती है। ऐसे दो-तिहाई से भी अधिक नवजात शिशु की मृत्यु पांच साल की आयु से पहले हो जाने का खतरा होता है।

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