आपदा व आपात स्थिति मुख्य संदेश-2

 
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आपदा और आपात स्थिति
सारांश

आपात स्थिति में स्तनपान अत्याधिक महत्वपूर्ण है।

परिवार के सदस्य, अन्य माताएं व स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा स्तनपान करवाने वाली माताओं को ये महत्वपूर्ण जानकारी दी जानी चाहिये ताकि वे अपने बच्चे को प्रथम 6 माह तक सिर्फ स्तनपान पर रखें व आनेवाले 2 वर्षों तक उसे स्तनपान करवाएं। छः माह के पश्चात, बच्चों को स्तनपान के अलावा भी अन्य पोषक आहार दी जानी चाहिये।

खासकर उन माताओं पर ध्यान दिये जाने की ज़रूरत है जो स्तनपान करवा रही है व तनावपूर्ण स्थिति से गुज़र रही है क्योंकि तनाव के कारण स्तनपान पर प्रभाव पडता है।

उन नन्हें बच्चों की ओर भी खास ध्यान दिया जाना चाहिये जो 6 माह से कम उम्र के हैं व केवल स्तनपान पर ही निर्भर हैं।

यदि शिशु आहार देना ज़रूरी है, तब इसकी जांच स्वास्थ्यकर्मी द्वारा की जानी चाहिये। कृत्रिम आहार पर पलने वाले बच्चों को काफी ज्यादा देखभाल की ज़रूरत होती है। जब भी वे बोतल से दूध ले रहे हों तो उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिये। उन्हें दूध आदि तरल पदार्थ कप से पिलाना ज्यादा उचित होगा।



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