बाल विकास और शुरुआती सीख मुख्य संदेश -4

 
जन्म का समय
सुरक्षित मातृत्व
बाल विकास और आरंभिक अभ्यास
स्तनपान
पोषण और विकास
टीकाकरण
आंत्रशोथ
सर्दी, जुकाम और अधिक गंभीर बीमारियाँ
स्वच्छता
मलेरिया
एचआइवी/ एड्स
जख्म से बचाव
आपदा और आपात स्थिति
सारांश

बच्चों के साथ व्यवहार कैसे किया जाये ? बच्चे अपने करीबी लोगों के व्यवहार की नकल उतार कर सीखते हैं।

दूसरों को देखते और उनके जैसा बनते हुए छोटे बच्चे सामाजिक व्यवहार का तौर-तरीका सीखते हैं। वे सीखते हैं कि कौन सा व्यवहार ठीक है और कौन सा नहीं।

बड़े-बुजुर्गों और अपने से बड़े बच्चों का उदाहरण बच्चे के व्यवहार और व्यक्तित्व के निर्माण में बड़ा असर डालता है। बच्चे दूसरों की नकल करके सीखते हैं, न कि दूसरों के बताने से कि यह करो। अगर बड़े चीखते-चिल्लाते और हिंसक व्यवहार करते हैं, तो बच्चे भी वही सीखेंगे। बड़े अगर दूसरों के साथ भलाई, इज्जत और धीरज के साथ पेश आते हैं, तो बच्चा भी इसे दोहरायेगा।

बच्चे बहाने बनाते हैं। इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए, इसलिए कि बहाना बनाना बच्चों की कल्पनाशीलता का विकास करता है। यह बच्चों को दूसरे लोगों के व्यवहार के तरीकों को समझने और उसे स्वीकार करने में भी मदद करता है।

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