ट्राइ ने लैंडलाइन के लिए 10 अंकों वाली नम्बरों का प्रस्ताव किया

दूरसंचार नियामक ट्राइ (TRAI) ने 20 अगस्त, 2010 को इस बात का सुझाव दिया कि देश के सभी लैंडलाइन टेलीफोन नम्बर को मोबाइल की तरह 10 अंकों के होने चाहिए ताकि माँग के दबाव की स्थितियों से निबटा जा सके। ट्राइ (TRAI) ने इस नए फोन नम्बर योजना को दिसम्बर, 2011 तक लागू कर देने की बात कही है। हालांकि ट्राइ (TRAI) ने कहा, "मोबाइल की मौजूदा 10 अंकों वाली नम्बर प्रणाली जारी रहनी चाहिए, ताकि उन ग्राहकों को कोई परेशानी न हों, जो अपने नम्बर को 11 डिजिट में बदलना चाहते हों।

इस वर्ष जनवरी में ट्राइ (TRAI) ने नम्बर से जुड़ी कई पहलुओं पर परामर्श लेना आरंभ किया है क्योंकि यह अनुमान लगाया गया था कि भारत में टेलीफोन उपभोक्ताओं की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण आनेवाले समय में उन्हें नए नम्बर आवंटन करने में परेशानी हो सकती है। ट्राइ (TRAI) ने कहा, “फिक्स्ड लाइन तथा मोबाइल दोनों के 10 अंकों वाले नम्बर होंगे। इससे मौजूदा के साथ-साथ अगले 30-40 वर्षों तक नई सेवाओं के प्रसार के लिए पर्याप्त नम्बर उपलब्ध हो पाएंगे।”

इस प्रयास से फिक्स्ड लाइन की नम्बर पोर्टेबिलिटी भी बढ़ेगी। अधिकारी ने कहा कि फिक्स्ड लाइन के 10 अंकों वाले नम्बरों में बदलने की सभी तैयारियाँ 30 सितम्बर, 2011 तक पूरी कर ली जाएगी, पर वास्तविक स्थानांतरण 31 दिसम्बर 2011 तक की पूरा किया जा सकेगा। अनुशंसा की स्वीकृति पर ट्राइ (TRAI) समेकित नम्बरिंग योजना की विस्तृत रूपरेखा के साथ आगे बढ़ेगा।

स्रोत: द टाइम्स ऑफ इंडिया




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