भारत में ई-शासन: सेवा वितरण प्रणाली में परिवर्तन
भारत में ई-शासन "आदान-प्रदान" (Transactional) के स्तर तक पहुँच गया है और नागरिकों, व्यवसायियों और सरकार को केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त सेवाएँ ऑनलाइन रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। 2006 में शुरू की गई राष्ट्रीय ई-शासन योजना का प्रयास देशभर में स्थापित किये जा रहे साझा सेवा केन्द्रों (सीएससी) के माध्यम से आम आदमी को उनके घर के नजदीकी केन्द्रों पर सभी सरकारी सेवाएँ सुलभ कराना है। देश में 30 अप्रैल, 2011 तक लगभग 94,786 साझा सेवा केन्द्रों की स्थापना विभिन्न नामों से हो गई है और वह लोगों को सेवाएँ उपलब्ध कराना शुरू कर दी है। भारत का ग्रामीण जगत विभिन्न संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे सूचना व संचार प्रौद्योगिकी पहल, विशेष रूप से सीएससी, का लाभ लेने के लिए तैयार है। आईएन.डी.जी पहल जरूरी सूचना व सेवाएँ, स्थानीय भाषाओं में प्रदान करता है जो ग्रामीण लोगों के जीवन में काफी बदलाव लाने में सक्षम है।
www.indg.in पोर्टल का ई-शासन वर्टिकल का मुख्य जोर, नागरिकों के लिए उपलब्ध ऑनलाइन सेवाएँ, राज्यों के ई-शासन पहल, ऑनलाइन कानूनी सेवाएँ, मोबाइल शासन, सूचना के अधिकार पर जानकारी उपलब्ध कराकर, देशभर में चल रहे ई-शासन अभियान में सहायता प्रदान करना है। ग्रामीण उद्यमियों (वीएलई) के सशक्तीकरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए, आईएन.डीजी ने “वीएलई कोना” नाम से नई सूचना सेवा आरंभ की है जो उनके ज्ञान-भंडार को विभिन्न प्रकार की अध्ययन संसाधनों से समृद्ध करेगा। साथ ही, उन्हें अपनी भाषा में अपने अनुभवों को साझा करने के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा।





csc centres are ignore by the govt